सीतामढ़ी के मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर अब ‘माता सीता मेडिकल कॉलेज’ किया जाएगा। वहीं अरवल, शेखपुरा समेत राज्य के कई जिलों में सरकार ने केंद्रीय विद्यालय खोलने का फैसला लिया है। केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए कई जिलों जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। यह जमीन एक रुपए के टोकन पर 30 साल की लीज पर दी जाएगी।
इसके अलावा शहरों को विकसित करने के लिए विश्व बैंक से सरकार 500 मिलियन डॉलर (भारतीय रुपए के मुताबिक, करीब 4700 करोड़) का लोन लेगी। वहीं, बिहार की 19,300 Km सड़कों के रखरखाव के लिए करीब 15,967 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सड़कों की निगरानी के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह से पहले बुधवार को सम्राट कैबिनेट की तीसरी बैठक में ये फैसले लिए गए। कैबिनेट ने कुल 20 एजेंडों पर मुहर लगाई।
पटना एयरपोर्ट के पास बियाडा की 1.85 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को मुफ्त में दी जाएगी। उद्योग को बढ़ावा देने वाली योजना (2025 पैकेज) की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दी गई है।
वहीं, गंगा नदी के किनारे बक्सर समेत कई इलाकों में कटाव रोकने के लिए कार्य किए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर अलग-अलग मदों में करीब 50 से 60 करोड़ रुपये तक खर्च होने का अनुमान है।
पहली बैठक में टाउनशिप और बुजुर्गों को राहत
इससे पहले 22 अप्रैल को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों पर मुहर लगी थी। इसमें 11 नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की मंजूरी दी गई थी।
इन टाउनशिप को प्राचीन सांस्कृतिक पहचान से जोड़ते हुए नाम दिए जाएंगे, जैसे पटना के पास ‘पाटलिपुत्र’ और सोनपुर के पास ‘हरिहरनाथपुर’
इसके साथ ही बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया गया। 80 साल से अधिक उम्र के लोगों की जमीन रजिस्ट्री अब उनके घर जाकर पूरी की जाएगी, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।






